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सागर। नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने नगर निगम के सभी कर संग्राहकों एवं स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने वार्डों में नागरिकों को कुएं एवं हैंडपंप के पानी का पेयजल के रूप में उपयोग न करने के लिए जागरूक करें।
निगमायुक्त ने बताया कि शहर में जलप्रदाय योजना के अंतर्गत नियमित जलापूर्ति प्रारंभ होने के बाद सार्वजनिक व निजी कुओं एवं हैंडपंपों का उपयोग काफी कम हो गया है। साथ ही अधिकांश भवनों में सेप्टिक टैंकों का निर्माण होने के कारण कुएं एवं हैंडपंप का पानी दूषित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में यह पानी पीने के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी वार्ड में विशेष परिस्थितियों में कुएं या हैंडपंप का पानी पेयजल के लिए उपयोग किया जा रहा हो, तो उसका परीक्षण नगर पालिक निगम सागर के जलप्रदाय विभाग की प्रयोगशाला में अनिवार्य रूप से कराया जाए। जब तक जल परीक्षण की रिपोर्ट प्राप्त न हो, तब तक उस पानी का उपयोग पेयजल के रूप में न किया जाए तथा संबंधित कुएं या हैंडपंप पर इस आशय की सूचना स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए।
इसके अतिरिक्त चाय-नाश्ता एवं खाद्य सामग्री से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी केवल शुद्ध पेयजल का उपयोग करने के लिए अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जा रहे पानी का परीक्षण नगर निगम के केमिस्ट के सहयोग से कराया जाएगा।
निगमायुक्त ने आरओ वॉटर एवं पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर के निर्माताओं व विक्रेताओं को भी ताकीद की है कि विक्रय किया जाने वाला जल निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
